गिन-गिन के स्तुति करूँ, बेशुमार तेरे दानों के लिए (2)
अब तक तूने सम्भाला मुझे, तड़फना नहीं न होगा प्रबल
अपनी आँखों की पुतली जैसे, वो रखेगा तुझे हर पल
गिन-गिन के
पद 1
तेरे शत्रु का निशाना, तुझ पर न होगा प्रबल
अपनी आँखों की पुतली जैसे, वो रखेगा तुझे हर पल
गिन-गिन के
पद 2
आँधियाँ बनकर के आये, जिन्दगी के फिकर
कौन है तेरा खेवनहारा, है भरोसा तेरा किधर
गिन-गिन के
पद 3
आये तुझे जो मिटाने, वो शस्त्र होंगे बेअसर
तेरा रचने वाला तुझ पर, रखता है अपनी नजर
गिन-गिन के
"जब यह पंक्ति आती है — “आँखों की पुतली जैसे” — तो जकर्याह 2:8 याद आता है। जो तुम्हें छूता है, वह उसकी आँख की पुतली को छूता है।"
"जब गीत कहता है — “खेवनहारा” — तो भजन संहिता 23:1 याद आता है। यहोवा मेरा चरवाहा है।"
"और जब कहा जाता है — “नजर” — तो भजन संहिता 34:15 दिल में आता है। यहोवा की आँखें धर्मियों पर लगी रहती हैं।"
"यह गीत दानों को गिन-गिन के स्तुति करने का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे पुतली पास आ गई हो।"
"शत्रु, आँधी, और नजर — यही इस गीत की गहराई है।"
"दानों को गिन-गिन के स्तुति करो, क्योंकि वे बेशुमार हैं।"
"शत्रु का निशाना प्रबल नहीं होता जब वह पुतली की तरह रखता है।"
"आँधियाँ आएँ तो भी खेवनहारा वही है।"
"मिटाने वाले शस्त्र बेअसर होते हैं क्योंकि रचने वाला नजर रखता है।"
"सीख यह है कि हर पल सम्भाले जाने पर स्तुति करो।"
"इस भजन के शब्द गिन-गिन के स्तुति को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही दान याद आते हैं।"
"आपकी लेखनी लोगों को पुतली और नजर की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song that counts blessings one by one. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो