आराधना करूँ, आराधना करूँ (4)
सजदा करूँ, आराधना करूँ (4)
पद 1
आया हूँ दर पे कुछ माँगने यीशु
पाप से भरा दिल शुद्ध कर दे मेरे यीशु
रूह से अपनी भर दे मुझको (2)
हम पे छिड़का दे लहू
आराधना करूँ
पद 2
है सुकूँ सजदे में चैन भी है मिलता
झुक जाये सर जो दर पे रब भी है मिलता
आये जो भी पास तुम्हारे (2)
मिल जाये वो हर खुशी
आराधना करूँ
"जब यह पंक्ति आती है — “सजदा करूँ” — तो भजन संहिता 95:6 याद आता है। आओ हम झुकें, और दण्डवत् करें।"
"जब गीत कहता है — “छिड़का दे लहू” — तो इब्रानियों 9:14 याद आता है। मसीह का लहू तुम्हारे विवेक को शुद्ध करेगा।"
"और जब कहा जाता है — “दर पे रब भी है मिलता” — तो मत्ती 7:7 दिल में आता है। माँगो, तो तुम्हें दिया जाएगा।"
"यह गीत दर पर आकर आराधना और सजदा करने का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे दर पास आ गया हो।"
"शुद्धि, रूह, और चैन — यही इस गीत की गहराई है।"
"दर पर माँगने आओ।"
"सजदे में सुकूँ है।"
"सीख सीधी है — सर झुकाओ, आराधना करो।"
"इस सुंदर भजन के लिए दिल से धन्यवाद। आपने आराधना को इतनी सरल हिंदी में गाया कि आराधना में दिल प्रार्थना में डूब जाता है। आपकी लेखनी और आपकी आवाज़ — दोनों के लिए दिल से आभार। Thank you for giving us a song that touches the heart and leads us into worship."
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो