आसमानी खुशी भर दे मुझको (2)
गीत नया दिल में ला (2)
उतरा – उतरा – उतरा (2)
ऐ रूहे पाक उतरा (2)
पद 1
अमरित जल प्रभु मुझको पिला दे (2)
दिल मेरे की प्यास बुझा दे (2)
चश्मा बनके उछल आ (2)
पद 2
पाक रूहे आ मेरे दिल के अन्दर (2)
बन जाऊँ मैं तेरा मन्दिर (2)
अपनी राह दिखा (2)
पद 3
आसमानी रोटी मुझको खिला दे (2)
कमजोर दिल को तगड़ा बना दे (2)
भरपूर करके रजा (2)
"जब यह पंक्ति आती है — “रुहे पाक उतरा” — तो प्रेरितों के काम 2:4 याद आता है। वे सब पवित्र आत्मा से भर गए।"
"जब गीत कहता है — “अमरित जल” — तो यूहन्ना 4:14 याद आता है। जो कोई उस जल में से पिएगा जो मैं उसे दूँगा, वह फिर कभी प्यासा न होगा।"
"और जब कहा जाता है — “तेरा मन्दिर” — तो 1 कुरिन्थियों 6:19 दिल में आता है। तुम्हारी देह पवित्र आत्मा का मन्दिर है।"
"यह गीत आसमानी खुशी और रूहे पाक के उतरने की प्रार्थना है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे गीत नया पास आ गया हो।"
"जल, मन्दिर, और रोटी — यही इस गीत की गहराई है।"
"आसमानी खुशी और नया गीत माँगो।"
"पाक रूह दिल के अन्दर आये।"
"सीख सीधी है — मन्दिर बनो, राह दिखाओ।"
"इस भजन के शब्द रूहे पाक को इतनी जीवंत हिंदी में बुलाते हैं कि सुनते ही दिल खुल जाता है।"
"आपकी गायकी लोगों को अमरित जल और आसमानी रोटी की प्यास जगाती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song that invites the Holy Spirit. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो