ऐ मेरे खुदा, ऐ मेरे खुदा, तुझे ढूंढता हूँ दिन रात सदा
बंजर धरती और खुरक जमीं, जहाँ पानी नहीं न कोई नमी
रूह मेरी है प्यासी तेरे लिए, अभिलाषी जिस्म है तेरे लिए
पद 1
तेरे पावन धाम को देखा है, तेरा जलवा क्या है देखा है
जीवन से है बढ़कर प्यार तेरा, होठो पर हरदम नाम तेरा
ता उम्र में तेरी सना करूँ, मैं हाँथ उठाकर दुआ करूँ
ऐ मेरे खुदा
पद 2
तुझे शाम ढले मैं याद करूँ, ता सुबहो तेरा ध्यान करूँ
तू हरदम मेरा सहायक हो, तेरे पंखों तले गुण गान करूँ
मेरी लौ तुझसे ही लगी रहे, तेरा हाँथ हमेशा साथ ही रहे
ऐ मेरे खुदा
"जब यह पंक्ति आती है — “तुझे ढूंढता हूँ” — तो भजन संहिता 63:1 याद आता है। हे परमेश्वर, तू मेरा परमेश्वर है, मैं बड़े यत्न से तुझे ढूँढ़ूँगा।"
"जब गीत कहता है — “रूह मेरी है प्यासी” — तो भजन संहिता 42:1 याद आता है। जैसे हिरणी जल की धाराओं के लिये हाँफती है।"
"और जब कहा जाता है — “पंखों तले” — तो भजन संहिता 91:4 दिल में आता है। वह अपने पंखों की छाया में तुझे छिपाएगा।"
"यह गीत दिन रात ढूंढने और प्यास बुझाने की प्रार्थना है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे धाम पास आ गया हो।"
"जलवा, नाम, और पंख — यही इस गीत की गहराई है।"
"दिन रात ढूंढो, क्योंकि रूह प्यासी है।"
"पावन धाम और जलवा देखो।"
"शाम से सुबह तक याद और ध्यान रखो।"
"पंखों तले गुणगान करो।"
"सीख यह है कि लौ लगी रहे और हाथ साथ रहे।"
"इस भजन के शब्द ढूंढने को इतनी प्यासी हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही दिल तड़पता है।"
"आपकी लेखनी लोगों को धाम और पंखों की छाया की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song that thirsts for God day and night. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो