ऐ खुदाया तेरे दर पे
जो भी आया है (2)
ज़िंदगी भर तेरी रहमत का
उसपर साया है (2)
पद 1
मैंने पाया है
तुझे हर समय करीब मेरे (2)
काली रातों सा दुआ दिल पे
जब भी छाया है (2)
पद 2
धुल गए दाग
गुनाहों के तेरी रहमत से (2)
सूली से बहते हुए खून में
जो नहाया है (2)
पद 3
अब संभल जा की
चला वक्त बहुत तेज़ी से (2)
लौट के आजा खुदा ने तुजे बुलाया है (2)
गीत
ऐ खुदाया तेरे दर पे जो भी आया है, ज़िंदगी भर तेरी रहमत का उसपर साया है।
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो