ऐसी भक्ति दे दो यीशु जी, शरण तेरी आ जाऊँ मैं
शरण में तेरी मरण हो मेरा, तेरे ही गुण गाऊँ मैं
पद 1
जग बेगाना कोई न अपना, जहाँ देखा वहाँ सपना ही सपना
माँ मरियम के लाल बरस दो, रो–रो नीर बहाऊँ मैं
ऐसी शक्ति दे
पद 2
तू भारत का फूल हजार, ज्यो तारों में है ध्रुवतारा
आशीषों के दीप जलाऊँ, रज चरणों को पा जाऊँ मैं
ऐसी शक्ति दे
पद 3
चुन–चुन कर तूने सबको बनाया, विद्वानों ने सर को झुकाया
भक्त जनों की आश लगी है, यीशु शरण आ जाऊँ मैं
ऐसी शक्ति दे
"जब यह पंक्ति आती है — “भक्ति” — तो 1 तीमुथियुस 4:8 याद आता है। भक्ति सब बातों के लिये लाभदायक है।"
"जब गीत कहता है — “शरण” — तो भजन संहिता 46:1 याद आता है। परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है।"
"और जब कहा जाता है — “गुण” — तो भजन संहिता 34:1 दिल में आता है। मैं हर समय यहोवा की स्तुति करूँगा।"
"यह गीत भक्ति देने और शरण में आने का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे शरण पास आ गई हो।"
"सपना, फूल, और आश — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब भक्ति दो तो शरण में आ जाओ।"
"मरण शरण में हो और गुण गाओ।"
"जग बेगाना है तो लाल बरस दो।"
"फूल और ध्रुवतारा हो तो दीप जलाओ।"
"सीख यह है कि शरण आ जाऊँ।"
"इस भजन के शब्द भक्ति को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही शरण की याद आती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को नीर और दीप की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song that asks for devotion and refuge. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो