बिन यीशु हो नहीं निस्तारा, बिन प्रभु कौन हमारा (2)
कि प्रभु बिन नहीं निस्तारा
पद 1
पूरब ढूंढा, पश्चिम ढूंढा, ढूंढा फिरा जग सारा (2)
बाइबल पढ़कर राह जो पाई (2) खोज लियो जग सारा
कि प्रभु बिन नहीं निस्तारा
पद 2
खेस कुटुम्ब कोई काम न आवे, जा तन होवे उद्वारा (2)
पापों से भरी नाव हमारी, डूबत हो मझधारा
कि प्रभु बिन नहीं निस्तारा
पद 3
उस बिन कुछ नहीं बन पड़ता, लाख जतन कर हारा (2)
रे मन अब तू काहे को भूले (2) उस बिन नहीं गुजारा
कि प्रभु बिन नहीं निस्तारा
"जब यह पंक्ति आती है — “बिन प्रभु कौन हमारा” — तो भजन संहिता 73:25 याद आता है। स्वर्ग में तेरे सिवा मेरा और कौन है।"
"जब गीत कहता है — “बाइबल पढ़कर राह” — तो भजन संहिता 119:105 याद आता है। तेरा वचन मेरे पाँव के लिये दीपक है।"
"और जब कहा जाता है — “डूबत हो मझधारा” — तो मत्ती 14:30 दिल में आता है। जब उसने आँधी को देखा, तो डर गया, और डूबने लगा।"
"यह गीत बिन यीशु निस्तारे की खोज का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे राह पास आ गई हो।"
"पूरब-पश्चिम, नाव, और गुजारा — यही इस गीत की गहराई है।"
"जग सारा ढूंढने पर भी निस्तारा वही है।"
"कुटुम्ब काम नहीं आता।"
"सीख सीधी है — उस बिन गुजारा नहीं।"
"इस भजन के शब्द निस्तारे की खोज को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही दिल थम जाता है।"
"आपकी लेखनी लोगों को पूरब-पश्चिम छोड़कर बाइबल की राह की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song that shows there is no other way. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो