डरो मत चुपचाप खड़े रहो
खुदा की नजात के काम देखो (2)
चुपचाप तुम खड़े रहो
पद 1
पूर्वी हवाएँ जब चलती हैं, खुश्क जमी हो जाती है
फानियों का ढेर लग जाता है, ऊँची दीवार बन जाती है
तो डरो मत
पद 2
वो ही पानी जो डराता था, और रास्ता भी न देता था
हुकम खुदा से वो ही पानी बस मुर्दा बन बैठा था
तो डरो मत
"जब यह पंक्ति आती है — “डरो मत” — तो यशायाह 41:10 याद आता है। डर मत, मैं तेरे संग हूँ।"
"जब गीत कहता है — “नजात” — तो निर्गमन 14:13 याद आता है। खड़े रहो और यहोवा का उद्धार देखो।"
"और जब कहा जाता है — “पानी” — तो निर्गमन 14:21 दिल में आता है। यहोवा ने समुद्र को सूखी भूमि कर दिया।"
"यह गीत डरो मत और नजात के काम देखने का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे नजात पास आ गई हो।"
"हवाएँ, पानी, और मुर्दा — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब डरो मत तो चुपचाप खड़े रहो।"
"नजात के काम देखो।"
"पूर्वी हवाएँ चलें तो जमी खुश्क हो।"
"पानी डराता था तो मुर्दा बन बैठा।"
"सीख यह है कि डरो मत।"
"इस भजन के शब्द डरो को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही मत की याद आती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को नजात और पानी की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song that says do not fear, stand and see. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो