दुनियाँ में हलचल मचाय दियो रे
मेरे यीशु नसरिया (2)
पद 1
पाँच थी रोटी दो थी मछलियाँ (2)
पाँच हजार लोगों को खिलाय दियो रे, मेरे यीशु
पद 2
आँधी को रोक दिया, पानी को थाम दिया
पानी पर चलकर दिखाय दियो रे, मेरे यीशु
पद 3
अन्धों को आँखें और गूँगों को बोली
बहिरों को शब्द सुनाय दियो रे, मेरे यीशु
पद 4
कोढ़ी अपाहिज चंगे किये हैं
मुर्दों को छड़ में जिलाय दियो रे, मेरे यीशु
"जब यह पंक्ति आती है — “रोटी मछलियाँ” — तो यूहन्ना 6:9 याद आता है। यहाँ एक लड़का है जिसके पास जौ की पाँच रोटी और दो मछलियाँ हैं।"
"जब गीत कहता है — “पानी पर” — तो मत्ती 14:25 याद आता है। वह समुद्र पर चलता हुआ उनके पास आया।"
"और जब कहा जाता है — “मुर्दों को” — तो यूहन्ना 11:43 दिल में आता है। हे लाजर, निकल आ।"
"यह गीत हलचल मचाने और चमत्कार करने का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे हलचल पास आ गई हो।"
"रोटी, आँधी, और कोढ़ी — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब हलचल मचाओ तो रोटी और मछलियाँ भी काफी हैं।"
"आँधी रोको और पानी पर चलो।"
"अन्धों को आँखें और गूँगों को बोली दो।"
"कोढ़ी चंगे करो और मुर्दों को जिलाओ।"
"सीख यह है कि नसरिया वाला यीशु सब कर सकता है।"
"इस भजन के शब्द हलचल को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही चमत्कार याद आते हैं।"
"आपकी गायकी लोगों को रोटी और पानी की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song that stirs the world with miracles. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो