हम पथिक है कठिन पथ पे, दुःख से से होके जाना है (2)
आशा है उस पर जीवन पथ के, उस पार हमको जाना है (2)
हम पथिक है
पद 1
लक्ष्य हमारा इतना है प्यारो, जीवन मुकुट को पाना है
जीवन मुकुट को पाने के लिए, उस पार हमको जाना है (2)
हम पथिक है
पद 2
पग-पग में दुःख सहना, फिर भी नहीं हमको कुछ कहना
सहते हुए सबके गमों को, उस पार हमको जाना है
हम पथिक है
पद 3
कोई नहीं है अपना जहाँ में, सबको अकेले चलना है
यीशु मसीह को अपना बनाके, आगे ही आगे बढ़ना है
हम पथिक है
"जब यह पंक्ति आती है — “पथिक है” — तो 1 पतरस 2:11 याद आता है। हे प्रियो, मैं तुमसे विनती करता हूँ कि परदेशी और यात्री जानकर।"
"जब गीत कहता है — “जीवन मुकुट” — तो 2 तीमुथियुस 4:8 याद आता है। धर्म का मुकुट मेरे लिये रखा हुआ है।"
"और जब कहा जाता है — “उस पार” — तो फिलिप्पियों 3:14 दिल में आता है। मैं निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूँ।"
"यह गीत कठिन पथ पर पथिक होने और उस पार जाने का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे मुकुट पास आ गया हो।"
"दुःख, गम, और आगे — यही इस गीत की गहराई है।"
"कठिन पथ पर दुःख सहकर जाना है।"
"मुकुट के लिए उस पार जाना है।"
"सीख सीधी है — मसीह को अपना बनाके आगे बढ़ो।"
"इस भजन के शब्द पथिक को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही उस पार की आशा जागती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को दुःख सहते हुए मुकुट की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song that reminds us we are pilgrims. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो