जिन्दा लहू, जिन्दा लहू (4)
सब कुछ होता है, लहू जब धोता है
यीशु मसीह तेरा लहू (2) दामन धोता है
पद 1
बीमारियाँ छोड़ जाती हैं, कमजोरियाँ मुँह छिपाती हैं (2)
हड्डियों में जान आ जाती है (2)
दिल को शकून होता है
सब कुछ होता है
पद 2
धागे ताबीज जब तोड़ते हैं, यीशु के नाम में छोड़ते हैं (2)
रूहे खुदा आ जाता है (2)
यीशु-यीशु होता है
सब कुछ होता है
पद 3
तूने मसीहा आला दवा, इससे मिले हर मर्ज की शिफा (2)
खा ये बदन, और पी ये लहू (2)
काहे को रोता है
सब कुछ होता है
"जब यह पंक्ति आती है — “लहू” — तो 1 यूहन्ना 1:7 याद आता है। उसके पुत्र यीशु का लहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है।"
"जब गीत कहता है — “धोता है” — तो प्रकाशितवाक्य 7:14 याद आता है। उन्होंने अपने वस्त्र धोए और मेम्ने के लहू में सफेद किए।"
"और जब कहा जाता है — “शिफा” — तो यशायाह 53:5 दिल में आता है। उसके कोड़े खाने से हम चंगे हुए।"
"यह गीत जिन्दा लहू और धोने का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे लहू पास आ गया हो।"
"बीमारियाँ, ताबीज, और दवा — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब लहू धोता है तो सब कुछ होता है।"
"बीमारियाँ छोड़ जाती हैं और हड्डियों में जान आती है।"
"ताबीज तोड़ो तो रूह आ जाता है।"
"आला दवा से हर मर्ज की शिफा।"
"सीख यह है कि काहे को रोता है।"
"इस भजन के शब्द लहू को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही धोने की याद आती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को शिफा और रूह की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song of the living blood that washes. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो