मन का दीप जला जीवन दीप जला
ख्वाबों में खोया है, जाग जरा मत वाले
पद 1
सच बतला ये तेरे मन में रात है कैसी छायी
अच्छा नहीं है देख सम्हल जा यीशु से है जुदाई
यीशु को अपना (2) ख्वाबों में खोया है, जाग जरा मत वाले
पद 2
यह दुनिया है ख्वाब सुनहरा, इसमें जो फंस जाये
रोए तड़पे चैन न पाये घुट-घुट कर मर जाये
मन का मैल धुला (2) ख्वाबों में खोया है
पद 3
यीशु को तू अपने जीवन में, अपना मीत बना ले
छोड़ दे अब यह दुनिया सुनहरी, दुनिया से मन फिरा ले
होगा तेरा भला (2) ख्वाबों में खोया है
"जब यह पंक्ति आती है — “जाग जरा मत वाले” — तो इफिसियों 5:14 याद आता है। हे सोने वाले जाग, और मुर्दों में से जी उठ, तो मसीह की ज्योति तुझ पर चमकेगी।"
"जब गीत कहता है — “दुनिया है ख्वाब सुनहरा” — तो 1 यूहन्ना 2:17 याद आता है। संसार और उसकी अभिलाषाएँ मिटती जाती हैं, पर जो परमेश्वर की इच्छा पर चलता है वह सदा बना रहता है।"
"और जब कहा जाता है — “अपना मीत बना ले” — तो यूहन्ना 15:15 दिल में आता है। मैंने तुम्हें मित्र कहा है।"
"यह गीत ख्वाबों में खोए हुए को जगाने की पुकार है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे दीप पास आ गया हो।"
"जुदाई, सुनहरा ख्वाब, और मीत — यही इस गीत की गहराई है।"
"यीशु से जुदाई अच्छी नहीं।"
"सुनहरी दुनिया चैन नहीं देती।"
"सीख सीधी है — दीप जला, और उसे मीत बना ले।"
"इस सुंदर भजन के लिए दिल से धन्यवाद। आपने जागने की पुकार को इतनी सरल हिंदी में गाया कि आराधना में दिल प्रार्थना में डूब जाता है। आपकी लेखनी और आपकी आवाज़ — दोनों के लिए दिल से आभार। Thank you for giving us a song that touches the heart and leads us into worship."
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो