मेरे दिल के बगीचे में आ जा, ऐ यीशु पियारे तू (2)
इस दिल को कर ले आपना, इसका मालिक बन जा तू (2)
पद 1
मेरे दिल के बगीचे को साफ कर, ऐ यीशु पियारे तू (2)
गन्दे ते कोड़े दाने भी, इस दिल से पूट ले तू (2)
मेरा दिल है यीशु का बगीचा
पद 2
मेरा दिल है यीशु का बगीचा, इसका फल आज मैं दूँगा (2)
मोहब्बत के काम मैं करूँ, मोहब्बत की बोली बोलूँ
मेरा दिल है यीशु का बगीचा
"जब यह पंक्ति आती है — “बगीचे” — तो श्रेष्ठगीत 4:12 याद आता है। मेरी बहन मेरी दुल्हन एक बन्द बाग है।"
"जब गीत कहता है — “साफ कर” — तो भजन संहिता 51:10 याद आता है। हे परमेश्वर, मुझ में शुद्ध मन उत्पन्न कर।"
"और जब कहा जाता है — “फल” — तो यूहन्ना 15:5 दिल में आता है। जो मुझ में बना रहता है वह बहुत फल लाता है।"
"यह गीत दिल के बगीचे में आने और मालिक बनने का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे बगीचा पास आ गया हो।"
"साफ, फल, और मोहब्बत — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब बगीचे में आओ तो मालिक बन जाओ।"
"साफ करो और गन्दे दाने पूट लो।"
"फल दूँगा और मोहब्बत के काम करूँगा।"
"सीख यह है कि दिल यीशु का बगीचा है।"
"इस भजन के शब्द बगीचे को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही आने की याद आती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को साफ और फल की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song that invites Him into the heart's garden. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो