मेरी झोली छोटी पड़ गई, यीशु ने दिया इतना
सब माफ गुनाह मेरे हो गए, उपकार किया इतना
पद 1
मैं तो था एक नकार, यीशु ने दिया सहारा (2)
मेरी सोई किस्मत जागी, जीवन मिल गया दोबारा (2)
मेरी खातिर सूली चढ़या, मुझे प्यार किया इतना (2)
मेरी झोली
पद 2
उसने मुझ पे बरसायी, बड़ी रहमत की बरसातें (2)
मेरे दिन सब हुए सुनहरे, सब रोशन हो गई रातें (2)
मुझे अपने साथ राख लेगा, इकरार किया इतना (2)
मेरी झोली
पद 3
मेरे सूखे हुए बागों में, अब चमक रही हरियाली (2)
मैं अब बन गया उसका पौधा, वो बन गया मेरा माली (2)
अब रही प्यास न कोई, जल धार दिया इतना (2)
मेरी झोली
"जब यह पंक्ति आती है — “दिया इतना” — तो यूहन्ना 3:16 याद आता है। परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा।"
"जब गीत कहता है — “माफ” — तो 1 यूहन्ना 1:9 याद आता है। वह हमारे पापों को क्षमा करे।"
"और जब कहा जाता है — “सहारा” — तो भजन संहिता 46:1 दिल में आता है। परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है।"
"यह गीत झोली छोटी पड़ गई और दिया इतना का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे उपकार पास आ गया हो।"
"नकार, रहमत, और हरियाली — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब झोली छोटी पड़ गई तो दिया इतना।"
"गुनाह माफ हो गए।"
"नकार था तो सहारा दिया।"
"रहमत बरसायी और इकरार किया।"
"सीख यह है कि माली बन गया।"
"इस भजन के शब्द झोली को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही दिए की याद आती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को सहारा और हरियाली की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song of the bag that overflowed with His gifts. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो