टेक
पावन है यह प्रभु हमारा, उसकी जय जयकार करो
निर्बल का वो बल है न्यारा, उसकी जय जयकार करो
जय हो, जय हो, जय हो
पद 1
दीन दुखियों का है दाता, भटके हुओं को राह बताता
सीधे मार्ग में हमें चलाता, उसकी जय जयकार करो
पद 2
प्रभु हमारा बड़ा महान, निर्बुद्धियों को देता ज्ञान
पड़ितों का वह बचाता प्राण, उसकी जय जयकार करो
पद 3
प्रभु की महिमा अपरम्पार, जग का वह है तारणहार
मानो उसे अपना आधार, उसकी जय जयकार करो
"जब यह पंक्ति आती है — “निर्बल का वो बल है न्यारा” — तो 2 कुरिन्थियों 12:9 याद आता है। मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है, क्योंकि मेरी सामर्थ्य निर्बलता में सिद्ध होती है।"
"जब गीत कहता है — “भटके हुओं को राह बताता” — तो भजन संहिता 23:3 याद आता है। वह मेरे प्राण को बहाल करता है, और अपने नाम के निमित्त धर्म के मार्गों में ले चलता है।"
"और जब कहा जाता है — “जग का वह है तारणहार” — तो 1 तीमुथियुस 1:15 दिल में आता है। मसीह यीशु पापियों का उद्धार करने के लिये जगत में आया।"
"यह गीत पावन प्रभु की जय जयकार है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे जय हो पास आ गई हो।"
"दीनों का दाता और भटकों की राह — यही इस गीत की गहराई है।"
"प्रभु निर्बल का बल है।"
"वह सीधे मार्ग में चलाता है।"
"सीख सीधी है — उसे अपना आधार मानो, और जय जयकार करो।"
"इस सुंदर भजन के लिए दिल से धन्यवाद। आपने जय जयकार को इतनी सरल हिंदी में गाया कि आराधना में दिल प्रार्थना में डूब जाता है। आपकी लेखनी और आपकी आवाज़ — दोनों के लिए दिल से आभार। Thank you for giving us a song that touches the heart and leads us into worship."
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो