Prabhu Ka Darshan Paake Bhai Lag Ja Sewa Mein - प्रभु का दर्शन पाके भाई लग जा सेवा में
टेक
प्रभु का दर्शन (2) पाके भाई लग जा सेवा में
पद 1
भारतवर्ष बुलावे तुझको, आ बचा मुझको
आत्माएं मरतीं (2) देखो हजारों पाप के सागर में
पद 2
क्रूस पर अपनी जान प्रभु ने जग के लिए दी
जगह है देखो (2) हिन्द के लिए उसके हृदय में
पद 3
बैठे-बैठे साल गंवा, नौजवानी के
अभी भी कर ले (2) प्रभु की सेवा बाकी जीवन में
पद 4
चारों ओर अन्धेरा छाया, रात अब आ पहुँची
जो कुछ है करना (2) अभी तू कर ले दिन की ज्योति में
पद 5
प्रभु के लिए आत्मा बचाने में तू जल्दी कर
फसल है पकची (2) पूले जमा कर उसके खत्ते में
"जब यह पंक्ति आती है — “लग जा सेवा में” — तो यूहन्ना 9:4 याद आता है। जब तक दिन है, हमें उसके भेजने वाले के काम करने हैं।"
"जब गीत कहता है — “हिन्द के लिए उसके हृदय में” — तो यूहन्ना 3:16 याद आता है। परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया।"
"और जब कहा जाता है — “फसल है पकची” — तो मत्ती 9:37 दिल में आता है। फसल तो बहुत है, पर मजदूर थोड़े हैं।"
"यह गीत दर्शन पाकर सेवा में लग जाने की पुकार है, भारतवर्ष के लिये।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे खेत पास आ गया हो।"
"नौजवानी, दिन की ज्योति, और पकती फसल — यही इस गीत की गहराई है।"
"दर्शन के बाद सेवा में लग जाओ।"
"हिन्द उसके हृदय में जगह रखता है।"
"सीख सीधी है — अभी कर लो, फसल पक चुकी है।"
"इस सुंदर भजन के लिए दिल से धन्यवाद। आपने सेवा की पुकार को इतनी सरल हिंदी में गाया कि आराधना में दिल प्रार्थना में डूब जाता है। आपकी लेखनी और आपकी आवाज़ — दोनों के लिए दिल से आभार। Thank you for giving us a song that touches the heart and leads us into worship."
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो