साँसों में बस जा मेरी साँसों में छा जा (2)
जपता रहूँ तेरा नाम, राजाओं के राजा (2)
मेरे दिल की हर धड़कन में तू ही समा जा (2)
जपता रहूँ
पद 1
तेरी उल्फत का सदा गम भरता जाऊँ (2)
चूम तेरे पाय तेरी गीत गाऊँ (2)
देखूँ तेरा चेहरा ये है मेरी आशा (2)
जपता रहूँ
पद 2
रात हो या दिन हो तेरा शुकर मनाऊँ (2)
हाल्लेलूयाह हाल्लेलूयाह कहता जाऊँ (2)
किया तूने प्यार मुझसे बेताहाशा (2)
जपता रहूँ
पद 3
तू है मेरी रोशनी, तू है जिन्दगी मेरी (2)
मेरे पास मसीहा तू है बन्दगी मेरी (2)
तू मेरा मजबूत किला मेरी पनाह का (2)
जपता रहूँ
"जब यह पंक्ति आती है — “साँसों में” — तो भजन संहिता 150:6 याद आता है। सब प्राणी यहोवा की स्तुति करें।"
"जब गीत कहता है — “जपता” — तो भजन संहिता 34:1 याद आता है। मैं हर समय यहोवा की स्तुति करूँगा।"
"और जब कहा जाता है — “रोशनी” — तो यूहन्ना 8:12 दिल में आता है। मैं जगत की ज्योति हूँ।"
"यह गीत साँसों में बस जाने और जपते रहने का गीत है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे साँस पास आ गई हो।"
"उल्फत, शुकर, और किला — यही इस गीत की गहराई है।"
"जब साँसों में बस जाओ तो जपता रहूँ।"
"दिल की हर धड़कन में समा जा।"
"उल्फत का गम भरता और पाय चूम।"
"रात दिन शुकर मनाऊँ।"
"सीख यह है कि मजबूत किला।"
"इस भजन के शब्द साँसों को इतनी साफ हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही बस जाने की याद आती है।"
"आपकी लेखनी लोगों को जपने और किले की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song of breathing His name. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो