स्वीकार कर लो आराधना, यीशु प्रभु मेरे प्यारे
रहे न अधूरी मेरी साधना, मन प्राण तुझको पुकारे
स्वीकार कर लो
पद 1
मुझे बल तुम्हारा तुम्ही हो सहारा, करुणा करो ईश्वर
मेरी आत्मा ने तुम्ही को पुकारा, दया करना परमेश्वर
दर्शन की तेरे लिए कामना, नयन राह कब से निहारे
स्वीकार कर लो
पद 2
क्षमादान देकर मुझे तार देना, मैं पापी हूँ परमेश्वर
नयी राह पर तुम मुझे साथ लेना, चलूँ मैं तुम्हारी डगर
प्रभु हाँथ मेरा तुम्ही थामना, चलूँ मैं तुम्हारे सहारे
स्वीकार कर लो
"जब यह पंक्ति आती है — “स्वीकार कर लो” — तो भजन संहिता 51:17 याद आता है। परमेश्वर का स्वीकार किया हुआ बलिदान तो टूटा मन है।"
"जब गीत कहता है — “करुणा करो” — तो भजन संहिता 51:1 याद आता है। हे परमेश्वर, अपनी करुणा के अनुसार मुझ पर दया कर।"
"और जब कहा जाता है — “नयी राह” — तो यशायाह 43:19 दिल में आता है। देखो, मैं नई बात करने वाला हूँ।"
"यह गीत आराधना स्वीकार करने और साधना पूरी करने की प्रार्थना है।"
"किसी प्रार्थना सभा में भाई-बहन इसे गाते हैं, कोई अकेला कमरे में बैठकर गुनगुनाता है, और लगता है जैसे दर्शन पास आ गया हो।"
"बल, क्षमा, और डगर — यही इस गीत की गहराई है।"
"आराधना स्वीकार करो, साधना अधूरी न रहे।"
"बल और सहारा तुम्ही हो।"
"क्षमादान से तार दो, नयी राह पर साथ लो।"
"हाँथ थामो और सहारे चलो।"
"सीख यह है कि दर्शन की कामना नयनों से निहारो।"
"इस भजन के शब्द स्वीकार करने को इतनी कोमल हिंदी में रखते हैं कि सुनते ही साधना पूरी होने लगती है।"
"आपकी गायकी लोगों को करुणा और नयी राह की ओर खींचती है।"
"इस गीत को आराधना में रखने वाले सबको दिल से आभार। 🙏"
"Thank you for a song that offers worship and asks to be accepted. ❤️"
Kidhar Ja Rahe Ho
किधर जा रहे हो